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वॉकिंग योग: शरीर और मन के लिए एक सजग अभ्यास

Walking

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क्या आपने कभी सोचा है कि चलने और योग को एक साथ मिलाकर कोई अभ्यास हो सकता है? वॉकिंग योग ऐसा ही एक सुंदर और सरल अभ्यास है, जिसमें चलने की गति और योग की जागरूकता को एक साथ मिलाया जाता है। यह एक ऐसा अनुभव है जो न केवल शरीर को सुकून देता है, बल्कि मन को भी शांत करता है — और इसके लिए आपको किसी विशेष स्थान या उपकरण की ज़रूरत नहीं होती।

 

योग विशेषज्ञ रुचि खोसला के अनुसार, वॉकिंग योग एक “सुंदर अभ्यास” है जो शरीर की देखभाल करता है, मन को स्थिर करता है, और आपके भीतर के अस्तित्व से जुड़ने में मदद करता है। इसे कहीं भी किया जा सकता है — चाहे वो पार्क हो, समुद्र तट हो या आपका घर। ज़रूरी केवल इतना है कि आप इस क्षण में पूरी तरह उपस्थित रहें।

 

पारंपरिक योग से कैसे अलग है?

जहाँ पारंपरिक योग आमतौर पर योगा मैट पर किया जाता है और विभिन्न आसनों को शामिल करता है, वहीं वॉकिंग योग में सजग गति (mindful movement) पर ज़ोर दिया जाता है। इसमें आप हर क़दम, हर साँस और अपने शरीर की हर अनुभूति के प्रति सजग रहते हैं।

 

खोसला कहती हैं, “इस अभ्यास में आप अपने कदमों की लय, सांसों की गति, और ज़मीन के साथ अपने शरीर के संपर्क को महसूस करते हैं। यह आपको वर्तमान में लाकर मन की शांति प्रदान करता है।”

 

लाभ: शारीरिक, मानसिक और आत्मिक

वॉकिंग योग के अनगिनत लाभ हैं, जो पूरे शरीर और मन को संतुलन में लाते हैं। शारीरिक रूप से यह रक्त संचार को बेहतर करता है, मांसपेशियों को मजबूत बनाता है, और जोड़ों की गतिशीलता में सुधार लाता है। यह एक लो-इम्पैक्ट व्यायाम है जो हर उम्र के व्यक्ति के लिए उपयुक्त है।

 

मानसिक रूप से यह तनाव और चिंता को कम करने में सहायक है। सांस और गति के प्रति सजगता मानसिक स्पष्टता और शांति लाती है। भावनात्मक रूप से यह आपको वर्तमान में रखने में मदद करता है और आपके भीतर कृतज्ञता की भावना जगाता है।

आध्यात्मिक रूप से वॉकिंग योग प्रकृति और आत्मा से जुड़ने का माध्यम बनता है। यह संतुलन, शांति और भीतर की खुशी को प्रोत्साहित करता है।

 

कैसे करें शुरुआत?

  1. एक उद्देश्य तय करें – अभ्यास शुरू करने से पहले कुछ क्षण शांति से बैठें और सोचें कि आप क्या अनुभव करना चाहते हैं – शांति, कृतज्ञता या बस सजग रहना।

 

  1. साँस और क़दमों को एक लय में लाएँ – उदाहरण के लिए, चार कदम चलते हुए साँस लें और अगले चार कदम चलते हुए साँस छोड़ें।

 

  1. हल्की गतियाँ जोड़ें – जैसे हाथ फैलाना, कंधे घुमाना, या चलते हुए पर्वतासन जैसे आसन करना।

 

  1. वर्तमान में रहें – अपने पैरों की ज़मीन से टकराहट, हवा की ठंडक, और शरीर की गति को महसूस करें।

 

  1. अंत में आभार व्यक्त करें – चलने के बाद कुछ पल रुकें और इस अभ्यास के लिए कृतज्ञता प्रकट करें।

 

खोसला कहती हैं, “वॉकिंग योग केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि खुद से और दुनिया से जुड़ने का सरल, शांतिपूर्ण तरीका है। इसे आज़माएँ – यह आपके दिन को पूरी तरह बदल सकता है।”

 

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